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कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस का मतलब ऐसे हेल्थ इंश्योरेंस से है, जो आपको अपनी जेब से बिना कैश खर्च किए अपने लिए इलाज कराने का विकल्प देता है। इलाज के खर्च की जिम्मेदारी सीधे अस्पताल और आपकी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी उठाती है!
उदाहरण के लिए: अगर आप या परिवार का कोई सदस्य कोरोना वायरस से पीड़ित है और उसे इलाज के लिए भर्ती करना जरूरी है, तो कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस यह सुनिश्चित करेगा कि आपको इसके खर्च का पहले से पेमेंट करने की जरूरत न पड़े।
इसके लिए बस आपको अपनी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी या थर्ड-पार्टी के एडमिनिस्ट्रेटर से अप्रूवल लेना है और बाकी की जिम्मेदारी आपकी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी पूरा करेगी!
आइए इसे कुछ बेहतर ढंग से समझते हैं। आमतौर पर भारत में हेल्थ इंश्योरेंस में, जब आपको किसी बीमारी या दुर्घटना के कारण हेल्थ इंश्योरेंस का क्लेम करने की जरूरत पड़ती है, तब या तो आप अपना इलाज करवाने के बाद अपनी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से अपने अस्पताल के बिलों को रिइंबर्स करवा सकते हैं या भर्ती होने के समय (इमरजेंसी के केस में) या पहले से अप्रूवल लेकर कैशलेस क्लेम का रास्ता अपना सकते हैं। इसका मतलब है कि आपको किसी भी तरह के कैश पेमेंट करने की जरूरत नहीं होती है और आपका अस्पताल सीधे आपकी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से इसका हिसाब करेगा।
इसे ऐसे समझें कि जैसे आपके होटल में रुकने का खर्च आपकी कंपनी उठती है क्योंकि आपकी कंपनी और होटल के बीच पार्टनरशिप है। इसी तरह, हेल्थ इंश्योरेंस में भी केवल वही अस्पताल आपको कैशलेस इलाज का विकल्प देंगे, जो आपके हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी के नेटवर्क का हिस्सा हैं (यानी जिनका टाई-अप आपकी इंश्योरेंस कंपनी के साथ है)।
डिजिट में, हमारे पास पूरे भारत में लगभग 10500+ कैशलेस हॉस्पिटल हैं, जहां आप कैशलेस ट्रीटमेंट का विकल्प चुन कर अपने कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस का फायदा उठा सकते हैं ।
कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस मुख्य रूप से तब काम आता है, जब आपको क्लेम करने की जरूरत होती है। यह कैसे काम करता है और आप अपने हेल्थ इंश्योरेंस में कैशलेस क्लेम कैसे कर सकते हैं, इसके बारे में यहां संक्षिप्त में बताया गया है।
नोट: नीचे डिजिट की प्रक्रिया बताई गई है। यह प्रक्रिया अलग-अलग इंश्योरेंस कंपनियों अलग-अलग हो सकती है।
कवरेज
डबल वॉलेट प्लान
इन्फ़िनिटी वॉलेट प्लान
वर्ल्ड वाइड ट्रीटमेंट प्लान
खास बातें
इसमें बीमारी, दुर्घटना, गंभीर बीमारी या कोविड 19 महामारी जैसे किसी भी कारण से अस्पताल में भर्ती होने के खर्च का कवर मिलता है। जब तक इंश्योरेंस की राशि पूरी नहीं हो जाती, तब तक इसे कई बार अस्पताल में भर्ती होने पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
दुर्घटना के अलावा किसी भी तरह की बीमारी के उपचार के कवर के लिए आपको पॉलिसी लेने के पहले दिन से एक तय अवधि तक इंतजार करना होता है। इसे शुरुआती वेटिंग पीरियड कहते हैं।
होम हेल्थकेयर, टेली कंसल्टेशन, योगा और माइंडफ़ुलनेस वगैरह कई खास वेलनेस बेनिफ़िट ऐप पर उपलब्ध हैं।
हम आपकी इंश्योरेंस की राशि की 100 % बैकअप इंश्योरेंस राशि देते हैं। इंश्योरेंस की राशि का बैकअप कैसे काम आता है? मान लीजिए कि आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी की राशि 5 लाख रुपए है। आप 50,000 रुपए का क्लेम करते हैं। ऐसे में डिजिट अपने आप ही वॉलेट बेनिफ़िट दे देता है। तो अब आपके पास 4.5 लाख + 5 लाख रुपए की इंश्योरेंस राशि उस वर्ष उपलब्ध होगी। हालांकि ऐसे मामले में, एक क्लेम की राशि इंश्योरेंस की मूल कीमत से ज्यादा यानि दिए गए उदाहरण में 5 लाख रुपए से ज्यादा नहीं हो सकती।
पॉलिसी वर्ष में क्लेम नहीं किया? आपको बोनस मिलता है- स्वस्थ्य और क्लेम मुक्त रहने के लिए आपकी इंश्योरेंस राशि में अतिरिक्त राशि शामिल की जाएगी।
अलग अलग श्रेणी के कमरे का किराया अलग अलग होता है। बिल्कुल वैसे ही जैसे होटल के कमरे में टेरिफ़ होता है। डिजिट में कमरे का किराया इंश्योरेंस राशि से कम होने पर किसी प्रकार की बाध्यता नहीं मिलती।
हेल्थ इंश्योरेंस में 24 घंटों से ज्यादा अस्पताल में भर्ती होने पर उपचार खर्च का कवर मिलता है। डे केयर प्रक्रिया में वह उपचार आते हैं जिनमें उन्नत तकनीक के कारण 24 घंटों से कम अवधि के लिए अस्पताल में भर्ती किया जाता है जैसे मोतियाबिंद, डायलेसिस वगैरह।
विश्व भर में कवरेज प्राप्त करके विश्व का सबसे अच्छा उपचार करवाएं। अगर स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान भारत में आपका चिकित्सक आपकी किसी बीमारी का पता लगाते हैं, और आप उस बीमारी का उपचार विदेश में करवाना चाहते हैं, तो हम आपकी मदद करेंगे। आपको कवर किया जाएगा।
हम आपके प्लान में बताई गई राशि तक स्वास्थ्य परीक्षण के खर्च का भुगतान करते हैं। जांच के प्रकार की कोई बाध्यता नहीं है। चाहें ईसीजी हो या थायरॉएड प्रोफ़ाइल। क्लेम लिमिट जानने के लिए पॉलिसी शेड्यूल को ध्यान से पढ़ें।
कभी ऐसी भी आकस्मिक परिस्थिति आ सकती है जिसमें जान जाने का खतरा हो और तुरंत ही अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत हो। हम इसे अच्छी तरह समझते हैं और हेलीकॉप्टर या हवाईजहाज से अस्पताल में भर्ती होने पर आपको खर्च का रिइम्बर्समेंट देते हैं।
को-पेमेंट हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में साझा की जाने वाली राशि होती है जिसमें पॉलिसी धारक को स्वीकृत क्लेम की राशि के तय भाग का भुगतान अपनी जेब से करना होता है। इससे इंश्योरेंस की राशि कम नहीं हो जाती। यह भाग तमाम बातों पर निर्भर करता है जैसे उम्र, या कभी कभी उस ज़ोन में जहां आप उपचार करवा रहे हैं, इसे ज़ोन आधारित को-पेमेंट कहते हैं। हमारे प्लान में, किसी भी प्रकार का उम्र या ज़ोन आधारित को-पेमेंट नहीं देना पड़ता।
अस्पताल में भर्ती होने पर, रोड एंबुलेंस पर आए खर्च का रिइम्बर्समेंट प्राप्त करें।
इस कवर में अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद के खर्च शामिल हैं जैसे डायग्नोसिस, जांच और रिकवरी।
अन्य खास बातें
किसी बीमारी से आप पहले से ग्रसित हैं और पॉलिसी लेते वक्त हमें उसका पता चल गया है और हमने उसे स्वीकार कर लिया है तो प्लान के अनुसार उसका वेटिंग पीरियड होता है और यह आपकी पॉलिसी शेड्यूल में उल्लेखित होता है।
यह वह अवधि है जिसमें आपको किसी खास बीमारी के होने पर, उसका क्लेम करने से पहले इंतजार करना होता है। डिजिट में यह अवधि 2 वर्ष है और पॉलिसी सक्रीय होने वाले दिन से शुरू हो जाती है। एक्सक्लूजन की पूरी सूचि के लिए, अपनी पॉलिसी वर्डिंग का स्टैंडर्ड एक्सक्लूजन (ईएक्ससीएल02) पढ़ें।
पॉलिसी की अवधि के दौरान, दुर्घटना होने पर ऐसी चोट लगती है जो लंबे समय तक बनी रहती है और जो दुर्घटना होने से 12 महीनों के भीतर मृत्यु होने का सीधा और एकमात्र कारण है, तो पॉलिसी शेड्यूल में आपके प्लान और इस कवर के अंतर्गत हम आपको 100% इंश्योरेंस राशि का भुगतान करेंगे।
आपकी पॉलिसी में आपके अंग दाता को भी कवर किया जाएगा। डोनर के अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद की खर्च भी हम वहन करते हैं। अंग दान सबसे बड़ा उपकार है, और हम ने सोचा कि क्यों न हम भी उसका हिस्सा बनें।
कभी कभी अस्पतालों में भी बेड कम पड़ सकते हैं और मरीज की हालत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती करवाने की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में हम वह खर्च भी वहन करते हैं जब आपको घर पर ही उपचार करवाना पड़े।
मोटापा कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। हम इसे अच्छे से समझते हैं, और चिकित्सकीय तौर पर आवश्यक होने पर या चिकित्सक द्वारा सुझाई जाने पर कराई जाने वाले बेरिएट्रिक सर्जरी को कवर करते हैं। हालांकि, हम इसमें अस्पताल में भर्ती होने के खर्च को कवर नहीं करते हैं क्योंकि यह उपचार कॉस्मेटिक कारण से किया जाता है।
ट्रॉमा के कारण, अगर सदस्य को मनोरोग के उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ जाता है, तो इस बेनिफिट के तहत उसे आईएनआर 1,00,000 तक कवर देते हैं। साइकाइट्रिक इलनेस कवर में वेटिंग पीरियड उतना ही है जितना स्पेसिफ़िक इलनेस कवर का वेटिंग पीरियड है।
अस्पताल में भर्ती होने के दौरान, पहले और बाद में, कई प्रकार के अन्य चिकित्सकीय उपचार और खर्च होते हैं जैसे वॉकिंग एड, क्रेप बैंडेज, बेल्ट वगैरह जिसके लिए आपको खर्च करना पड़ता है। यह कवर आपके इन सभी खर्चों का ख्याल रखता है या फिर इसे आपकी पॉलिसी से हटाया भी जा सकता है।
को-पेमेंट |
नहीं |
कमरे के किराए की बाध्यता |
नहीं |
कैशलेस अस्पताल |
पूरे भारत में 10500+ नेटवर्क अस्पताल |
इनबिल्ट पर्सनल एक्सिडेंट कवर |
हां |
वेलनेस बेनिफ़िट |
10+ वेलनेस पार्टनर |
शहर आधारित डिस्काउंट |
10% तक डिस्काउंट |
विश्व भर में कवरेज |
हां* |
गुड हेल्थ डिस्काउंट |
5% तक डिस्काउंट |
कंज्यूमेबल कवर |
एडऑन के रूप में उपलब्ध |
*केवल वर्ल्ड वाइड ट्रीटमेंट प्लान में उपलब्ध
जैसा कि ऊपर बताया गया है, हेल्थ इंश्योरेंस में क्लेम के दौरान आप दो तरह की प्रक्रिया का विकल्प चुन सकते हैं। कैशलेस क्लेम या रीइंबर्समेंट क्लेम। दोनों के बीच महत्वपूर्ण अंतरों को समझने में आपकी मदद करने के लिए यहां एक क्विक टेबल दी गई है!
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कैशलेस क्लेम |
रीइंबर्समेंट क्लेम |
इसका क्या मतलब है? |
कैशलेस क्लेम का मतलब है कि आपकी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी शुरू से ही नेटवर्क अस्पताल के बिलों का ध्यान रखेगी। आपको कोई अग्रिम कैश पेमेंट करने की जरूरत नहीं है। |
रिइंबर्समेंट क्लेम में आपको अस्पताल के बिल और हॉस्पिटलाइज़ेशन के लिए पहले पेमेंट करना होगा। आपके क्लेम के अप्रूवाल और रीइंबर्समेंट के लिए मेडिकल डॉक्यूमेंट जमा करने की जरुरत पड़ेगी। |
क्या आपको क्लेम के लिए प्री अप्रूवल की जरूरत है? |
इसमें आपको अपने क्लेम को पहले से अप्रूव कराने की जरूरत होती है। पहले से तय हॉस्पिटलाइज़ेशन होने की स्थिति में कम से कम 72 घंटे पहले और मेडिकल इमरजेंसी के मामले में 24 घंटे के अंदर। |
आपका क्लेम पहले से अप्रूव्ड कराने की जरुरत नहीं है। हालांकि, तसल्ली के लिए चेक कर सुनिश्चित कर लें कि आपकी इंश्योरेंस कंपनी आपके इलाज को कवर करेगी या नहीं। आपके इलाज के बाद रिइंबर्समेंट प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है । आमतौर पर सभी औपचारिकताएं पूरी होने की समय-सीमा 2 से 4 हफ्तों के बीच होती है। |
क्या यह सभी अस्पतालों में लागू है? |
कैशलेस क्लेम केवल आपकी इंश्योरेंस कंपनी के नेटवर्क हॉस्पिटल पर लागू होते हैं। |
रीइंबर्समेंट क्लेम किसी भी अस्पताल के माध्यम से किया जा सकता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह नेटवर्क हॉस्पिटल का हिस्सा है या नहीं। |